Mazhya Manache Shlok

मना अंतरी स्वछ हेतू असावा। मना द्वेष आकस ठायी नसावा॥मना बोल तितकेच जितके प्रशस्त। नको रे मना बोलणे बेशिस्त॥मना व्यक्त होणे जरी आग्रहाचे। तरी संयमी वागणे हे हिताचे॥मना साध सौंवाद अंतर्मनाशी। पुरे रे मना भाव बाह्ये प्रदर्षी॥ - 12.08.2026

Kyonki Millenials Bhi Kabhi Gen-Z They…

क्योंकि मिलेनियल्स भी कभी जेन-झी थे... (थे ना?) दौर बदला है, तरीक़े बदले है, अल्फ़ाज़ बदले है, पर तोशिस वही है।"बड़े हमारी बात नहीं सुनते!" देखो बात बस इतनीसी है, बोलना सब चाहते है, सुनना कोई नहीं चाहता।ग़लती से कुछ सुन भी ले तो वह समझने के लिए नहीं, ज़वाब देने के लिए। ऐसे संवाद … Continue reading Kyonki Millenials Bhi Kabhi Gen-Z They… →